Delhi Red Fort Blast के आरोपी मुजम्मिल को लेकर सोहना पहुंची NIA टीम
लाल किला विस्फोट: NIA टीम ने सोहना अनाज मंडी में आरोपी मुजम्मिल के साथ विस्फोटक खरीद की कराई निशानदेही

Delhi Red Fort Blast मामले में गुरुग्राम के सोहना में छापेमारी कर राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने उस जगह की पहचान की, जहाँ से 600 किलो अमोनियम नाइट्रेट और अन्य विस्फोटक खरीदा गया था।
गुरुग्राम, 26 नवंबर 2025 – दिल्ली के लाल किला विस्फोट (Delhi Lal Qila Blast) मामले में गिरफ्तार किए गए आरोपी मुजम्मिल को लेकर राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की टीम ने विस्फोटक खरीद से जुड़े महत्वपूर्ण साक्ष्यों की पहचान करने के लिए गुरुग्राम के सोहना स्थित अनाज मंडी में छापेमारी की। मुजम्मिल को लेकर NIA टीम सोहना की अनाज मंडी में स्थित लक्ष्मी खाद बीज भंडार और मदन बीज भंडार पहुंची, जहाँ से कथित तौर पर विस्फोटकों की खरीद की गई थी।

NIA टीम का यह कदम लाल किला ब्लास्ट की साजिश की जड़ों को गहराई से उजागर करने और विस्फोटक सामग्री की खरीद फरोख्त के पूरे नेटवर्क को समझने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
🔍 सोहना अनाज मंडी में हड़कंप
NIA टीम के सोहना अनाज मंडी पहुंचने की खबर फैलते ही इलाके में हड़कंप मच गया और भारी संख्या में लोग घटनास्थल पर जमा हो गए। लोगों ने टीम की कार्रवाई को देखने के लिए भीड़ लगा दी। कुछ लोग मोबाइल फोन से वीडियोग्राफी करने लगे, जिस पर त्वरित कार्रवाई करते हुए एजेंसी के अधिकारियों ने लोगों को ऐसा करने से रोका और सुरक्षा घेरा मजबूत किया।
जाँच से जुड़े सूत्रों के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी मुजम्मिल ने NIA टीम को बताया कि उसने लक्ष्मी बीज भंडार से 1000 किलोग्राम और मदन बीज भंडार से 600 किलोग्राम अमोनियम नाइट्रेट खरीदा था। अमोनियम नाइट्रेट का इस्तेमाल उच्च-विस्फोटक बनाने में किया जाता है, और इतनी बड़ी मात्रा में इसकी खरीद आतंकी साजिश की गंभीरता को दर्शाती है।
📜 फरीदाबाद और मेरठ से जुड़े तार
इस मामले की जाँच के तार सिर्फ सोहना तक ही सीमित नहीं हैं। NIA टीम ने फरीदाबाद क्राइम ब्रांच की मदद से दो संदिग्ध खाद-बीज दुकानदारों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया था, लेकिन गहन पूछताछ के बाद उन्हें छोड़ दिया गया। यह दोनों खाद-बीज दुकानदार मुजम्मिल से जुड़े हुए थे, जिन्हें कुछ दिन पहले भी NIA पूछताछ के लिए समन भेज चुकी थी।
इसके अलावा, इस पूरे मामले में फरीदाबाद से पकड़े गए डॉक्टर डेर मैड्यूल से भी मुजम्मिल का सीधा संबंध है। डेर मैड्यूल वही व्यक्ति है, जिसे विदेशी हैंडलरों द्वारा 42 वीडियो भेजे गए थे। इन वीडियो का उपयोग विस्फोटकों को बनाने और विस्फोटक उपकरणों को असेंबल करने की विस्तृत विधि सिखाने के लिए किया गया था। सूत्रों के मुताबिक, ये वीडियो सुरक्षा एजेंसियों की भनक से बचने के लिए एन्क्रिप्टेड (गुप्त) तरीके से भेजे गए थे।
NIA की टीम इन विदेशी हैंडलरों की पहचान, लोकेशन और नेटवर्क को पहचानने पर गहराई से काम कर रही है, ताकि इस अंतरराष्ट्रीय साजिश का पर्दाफाश किया जा सके।
📦 विस्फोटक खरीद की पुष्टि
NIA टीम ने आरोपी मुजम्मिल को लेकर सोहना-पलवल रोड पर स्थित उस जगह की भी निशानदेही कराई, जहाँ से मुजम्मिल ने अमोनियम नाइट्रेट और अन्य सामग्री खरीदी थी। मुजम्मिल ने NIA को बताया कि यह खरीद उसने देर रात के समय की थी। इस दौरान, सोहना अनाज मंडी के आसपास भारी भीड़-भाड़ नहीं थी, जिससे वह आसानी से विस्फोटक लेकर निकल सका। दिल्ली ब्लास्ट के दो दिन बाद यह पूरी खरीद-फरोख्त हुई थी, जो यह दर्शाता है कि यह विस्फोटक बाद में किसी और बड़ी साजिश में इस्तेमाल होने के इरादे से खरीदे गए थे।
NIA ने मौके पर निशानदेही पूरी करने के बाद पूरे मामले को आगे की पड़ताल और तकनीकी जाँच के लिए सुनिश्चित किया है। विस्फोटकों की खरीद और उन्हें दिल्ली तक पहुँचाने की पूरी कड़ियों को जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है।

⚠️ आतंकी साजिश की गहराई
लाल किला विस्फोट मामले में अमोनियम नाइट्रेट जैसे विस्फोटक की इतनी बड़ी मात्रा का मिलना राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक बड़ी चिंता का विषय है। मुजम्मिल और डेर मैड्यूल की गिरफ्तारी के बाद अब NIA का ध्यान इस बात पर है कि यह विस्फोटक कहाँ और किस उद्देश्य से उपयोग किया जाना था, और इस पूरे मॉड्यूल को कौन-कौन से विदेशी हैंडलर और आतंकी संगठन फंडिंग कर रहे थे।












